कृषि (PAT/CPAT) क्षेत्र के इतिहास में पहली बार SCI ने सुपर-50 बैच की शुरूआत की है जिसके माध्यम से कृषि (PAT/CPAT) परीक्षा में 100 % सफलता प्राप्त की जा सके | इस बैच के माध्यम से सभी विध्यार्थी (ड्रॉपर्स, डबल ड्रॉपर्स, कमजोर विध्यार्थी ) अपनी सफलता को आसानी से छू सकते हैं |
सुपर-50 के माध्यम से आप MPPAT ही नहीं, CPAT (AIEEA) व BHU-PAT में भी रैंक बना सकते हैं |

 

Director

संचालक सन्देश
भारत एक कृषि प्रधान देश है। देश की 65 से 74 प्रतिशत जनसंख्या कृषि पर ही निर्भर है। पुराने समय में किसान अपने भरण पोषण हेतु कृषि कार्य करता था परन्तु वर्तमान में जनसंख्या वृद्धि के कारण कृषि पूर्ण रूप से व्यवसाय का रूप ले चुका है। इसलिये इस क्षेत्र में रोजगार की अपार सम्भावनाये है।

उदाहरण स्वरुप M .P.-PAT 2015, PAT2016 में ऑनलाइन के माध्यम से प्राप्त कुल 39283, 41676 आवेदन पत्र मान्य किये गये यह संख्या मेडिकल व अन्य परीक्षाओ की तुलना मैं अधिक थी अतः इस आंकड़े व सर्वे से यह पता चलता है की आने वाले समय में एग्रीकल्चर बहुत बड़ा फील्ड होगा | जिसमे रोजगार के सर्वाधिक अवसर होंगे |

सफलता का मूल मंत्र = कठिन परिश्रम + सतत प्रयास + सही योजना

कृषि क्षेत्र में होने वाली सभी परीक्षाओ (जैसे PAT, ICAR, & BHU -PAT etc . ) में कृषि विद्यार्थिओं के अलावा Bio. & Maths समूह के छात्र भी इन परीक्षाओ में सम्मलित हो सकते है| इन सभी में एग्रीकल्चर एक स्कोरिंग विषय है लेकिन सिलेक्शन के लिए साइंस (PCMB) जिम्मेदार है केवल एस.सी.आई. कृषि संस्थान ही एक ऐसा संस्थान है जहाँ विध्यार्थी एग्रीकल्चर के साथ साथ PCMB में बहुत अच्छी पकड़ बनाकर आसानी से चयनित हो सकते है।

Bio. & Maths ग्रुप वाले विध्यार्थी के लिए कृषि में सुनहरा अवसर

   भारत में एग्रीक्लचर का बढ़ता हुआ स्कोप

          विशेषताऐं जिन्होंने SCI कृषि संस्थान को बनाया मध्य प्रदेश का न. 1 कृषि कोचिंग संस्थान

  •   PAT के साथ ICAR , SHIATS , BHU  , AHDT आदि कृषि parikshao की तैयारी ताकि विद्धार्थियो को ज्यादा से ज्यादा मौका मिल सके ।
  •   2015  व 2016 में PAT , ICAR , SHIATS , BHU  , AHDT आदि में सर्वाधिक चयन (स्पष्टता के लिये विद्धार्थियो का रोल नं.  एवं उनका कॉलेज पीछे देखे । )
  •   PCMB के कमजोर  विद्धार्थियो के लिये अलग -अलग शिक्षको द्वारा अध्ययन एवं एक्स्ट्रा क्लास की व्यवस्था ।
  •   Daily Test , साप्ताहिक टेस्ट , मासिक टेस्ट व मेगा टेस्ट सुचारू रूप से कराये जाते है । (प्रत्येक टेस्ट OMR SHEET के साथ )
  •   सभी कृषि परीक्षाओ की अलग -अलग टेस्ट सीरीज कराई जाती है । (2000 – 2500 प्रश्नों के साथ )
  •   तीन ब्रांचो के साथ ऑफिस व क्लास के अतिरिक्त अध्ययन की व्यवस्था ताकि  विद्धार्थी क्लास के अतिरिक्त भी अपनी समस्याओ का निदान कर सके ।
  •   सुपर – 50 योजना ताकि गरीब एवं पढाई में कमजोर विद्धार्थी भी आसानी से सफलता पा सके ।
  •   पेरेंट्स को समय – समय पर कॉल व मैसेज से सूचित किया जाता हैं ।
  •   बाहर से आये विद्धार्थियो के लिये होस्टल व्यवस्था के साथ उनको पढ़ाई के प्रति जागरूक करते रहना ।
  •  अनुभवी व स्थाई शिक्षक जो की विद्धार्थियो के साथ परीक्षा के अंतिम दिन तक जुड़े रहते है।
प्रिय अभिभावक आपसे आग्रह है कि अपने बच्चे को ऐसे संस्थान में प्रवेश न करे जो कि अपने आप को वर्षो से या झूठी रैंको से मापते है। प्रदेश में कई ऐसे संस्थान है जो कि अपने आप को वर्षो के आधार पर ही सर्वश्रेष्ठ मानते है व प्रतियोगिता की दौड़ में गलत तरीके से 1st Rank छापना नही भूलते तथा ऐसे संस्थानों में प्रवेश न कराये जो पार्टनरशिप में चलती है क्योंकि अंतिम समय में पार्टनरशिप टूटने से बच्चो के भविष्य व पढ़ाई पर बुरा प्रभाव पड़ता है ।